Agriculture Land Rule: कहीं आपको अपना घर तोड़ना न पड़े तो पहले से जान लीजिए ये खेती की जमीन पर घर बनाने के लिए नए नियम…

Agriculture Land new law and rule: खेती की जमीन पर घर बनाने से पहले आपको कुछ खास नियमों के बारे में जानकारी होनी चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं उन नियमों को, जिनसे आपको खेती की जमीन पर घर बनवाने में मदद मिल सकती है। खेती में घर बनाने के लिए वही जमीन उपयुक्त होती है, जिसमें किसान फसल उगा सकता हो। यह जमीन राज्य सरकार द्वारा कृषि भूमि के तहत आती है। कृषि भूमि का उपयोग फसलों और कृषि गतिविधियों के लिए किया जाता है। इसलिए सरकार इसे आवास नहीं बनाने की अनुमति देती है।

सरकार का नियम – 
सरकार का मानना है कि हर साल किसान फसलें उगाकर खेती करता है। इसलिए आपके पास इस जमीन का मालिकाना हक नहीं होने के बावजूद भी आप उसे घर नहीं बना सकते।

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खेती में घर बनवाने के लिए क्या करें?
आप अगर खेती की जमीन पर घर या मकान बनाना चाहते हैं, तो उसे परिवर्तित करवाना आवश्यक है। यह नियम कुछ ही राज्यों में लागू है। सरकार द्वारा इसे लागू करने के लिए कुछ शुल्क भी देना पड़ता है। इसके लिए आपको नगर पालिका या ग्राम पंचायत से एनओसी (NOC) प्राप्त करना होता है।

जरूरी दस्तावेज
जमीन के मालिक का पहचान पत्र, फसलों का रिकार, किरायदारी की सूची, मालिकाना हक और प्राकृतिक वनस्पति का प्लान आवश्यक होते हैं। इन दस्तावेजों के बिना आप जमीन पर घर नहीं बना सकते। आपके जमीन पर कोई भी लोन या कर्ज नहीं होना चाहिए, तभी आप उसमें घर बना सकते हैं। इन नियमों का पालन करके आप अपने खेती में घर बनवा सकते हैं।

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